राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ की विशेष बैठक में प्रयागराज घटना की कड़ी निंदा,UGC बिल पर पुनर्विचार की मांग शिक्षा और संस्कार की रक्षा के लिए हुंकार 

 

 

 

वृंदावन।राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ की एक विशेष बैठक मारुति नगर स्थित सी.एल. शिशु शिक्षा निकेतन में आयोजित की गई। बैठक में माघ मेला प्रयागराज के दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा कथित रूप से ब्रह्मचारियों पर की गई बर्बर कार्रवाई की तीव्र निंदा की गई तथा केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित UGC बिल को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए पंडित चंद्रलाल शर्मा ने कहा कि प्रयागराज में निरीह ब्रह्मचारी बालकों को चोटी पकड़कर घसीटना और उनके साथ मारपीट करना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा किया गया यह कृत्य मानवता को शर्मसार करने वाला है, जिसकी राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ घोर निंदा करता है।संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य आनंदबल्लभ गोस्वामी एवं लक्ष्मीनारायण तिवारी ने कहा कि अधिकारियों की यह कार्रवाई कायरतापूर्ण प्रतीत होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सरकारी इशारों पर किया गया जान पड़ता है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।संघ के जिला अध्यक्ष अखिलेश तिवारी एवं महानगर अध्यक्ष गोविंद नारायण शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा सार्वजनिक रूप से क्षमा नहीं मांगी गई तो राष्ट्रीय ब्राह्मण सेवा संघ आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष ब्रह्मचारी विमल चैतन्य एवं नीरज गौड़ ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान में ब्राह्मण समाज को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिसे लेकर समाज में आक्रोश व्याप्त है।बैठक में भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित रामगोपाल एडवोकेट ने UGC बिल पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि देश की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कॉलेज और विश्वविद्यालय ऐसे स्थान हैं जहाँ बच्चे जाति नहीं, ज्ञान सीखते हैं विभाजन नहीं, विवेक सीखते हैं और संघर्ष नहीं संस्कार सीखते हैं। बिना व्यापक जनसंवाद के ऐसा बिल लाना लोकतांत्रिक भावना के विपरीत है।वहीं अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय हरियाणा ने कहा कि उच्च शिक्षा से संबंधित UGC बिल अत्यंत संवेदनशील विषय है। बिना छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों की सहभागिता के किसी भी कानून को लागू करना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी समाज या वर्ग के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा में न्याय, समान अवसर और शांतिपूर्ण वातावरण के पक्षधर हैं।श्री वामन भगवान महोत्सव समिति के संस्थापक श्याम शर्मा ने अत्यंत गंभीर और वैचारिक संबोधित करते कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है।उन्होंने कहा यदि शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी तो राष्ट्र का भविष्य भी अंधकारमय हो जाएगा। बिना जनसंवाद के किसी बिल को थोपना लोकतंत्र की मूल भावना के विरुद्ध है।”प्रयागराज की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोषियों पर कठोर कार्रवाई और UGC बिल पर पुनर्विचार की मांग की।बैठक का संचालन विनीत द्विवेदी ने किया।

इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष महेश भारद्वाज, परशुराम शोभायात्रा समिति के अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा, ब्रज तीर्थ देवालय के पंडित मृदुल कांत शास्त्री, श्याम कुमार शर्मा, अर्जुन पंडित, आशीष शर्मा,गोविंद शर्मा, ललित गौतम, भुलेश्वर उपमन्यु, राकेश पाठक, प्रदीप बनर्जी, प्रिया शरण, ताराचंद गोस्वामी, पूर्ण प्रकाश कौशिक , सुमित गौतम,सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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