
लालच ने लहूलुहान किया रिश्ता, भतीजे ने ही रची फूफा की हत्या
24 घंटे में व्यापारी हत्याकांड का खुलासा, 1.25 करोड़ की बरामदगी
मथुरा। थाना पुलिस एवं स्वाट टीम ने व्यवसायी हत्याकांड का महज 24 घंटे में सफल अनावरण करते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने मृतक के सगे भतीजे को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपये मूल्य की चांदी, सोना, नगदी, हत्या में प्रयुक्त हथियार तथा घटना में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार 5 जनवरी को तेलीपाड़ा, लाल दरवाजा निवासी व्यवसायी सतीश चंद्र गर्ग की उनके ही घर में हत्या कर दी गई थी। हत्यारा सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गया था। वारदात से व्यापारिक जगत में आक्रोश फैल गया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छह अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया, जिसमें एक करीबी रिश्तेदार की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
जांच के दौरान 6 जनवरी को दोपहर करीब एक बजे पुलिस ने वृंदावन-मथुरा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास से लाला उर्फ रितेश पुत्र बाबूलाल अग्रवाल, निवासी गोविंदनगर, को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि मृतक उसका सगा फूफा था।
अभियुक्त ने बताया कि वह ऑनलाइन सट्टेबाजी का आदी था और लगातार नुकसान के चलते उस पर करीब 35 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज चुकाने की लालच में उसने हत्या की साजिश रची। एक दिन पहले उसने सुआनुमा हथियार खरीदा और स्कूटी से फूफा के घर पहुंचा। बातचीत के दौरान मौका पाकर उसने कनपटी पर वार कर हत्या कर दी और घर में रखी चांदी, सोना व नगदी समेटकर फरार हो गया।पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से 45 किलो 946 ग्राम चांदी, 19.59 ग्राम सोना, 18 हजार रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है। बरामद माल की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है।इधर, व्यापारियों ने पुलिस कप्तान से मिलकर शिकायत की कि उनका पूरा सामान अभी बरामद नहीं हुआ है। इस पर पुलिस कप्तान ने स्पष्ट किया कि अभियुक्त की निशानदेही पर उपलब्ध सारा सामान बरामद किया जा चुका है। पूछताछ अभी जारी है और यदि आगे कोई और जानकारी सामने आती है तो शेष सामान भी बरामद कर सौंपा जाएगा।पुलिस कप्तान ने दो टूक शब्दों में कहा जो मिलेगा वह जरूर दिया जाएगा लेकिन हवा में सामान लाना हमारे बस में नहीं है।








