पुनर्निर्मित माधव भवन बनेगा बौद्धिक चेतना का केंद्र : शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम 

 

आगरा।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, ब्रज प्रांत के पुनर्निर्मित प्रांतीय कार्यालय ‘माधव भवन’ का लोकार्पण गुरुवार को आगरा में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि संघ पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाए जा रहे प्रश्नों का उत्तर भावनाओं से नहीं, बल्कि ठोस बौद्धिक आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज को दिशा देने के लिए विचारशील, अध्ययनशील और तर्कपूर्ण कार्यकर्ताओं की आवश्यकता है।

शंकराचार्य जी ने आशा व्यक्त की कि पुनर्निर्मित माधव भवन बौद्धिक संवाद, शोध और स्वाध्याय का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां से समाज को प्रभावी वैचारिक नेतृत्व मिलेगा। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा के पास गहन चिंतन की शक्ति है और इसी के बल पर समाज को भ्रमित करने वाले विमर्शों का उत्तर दिया जा सकता है।

इस अवसर पर संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि समय के साथ किसी भी संगठन को अपनी संरचना और कार्यप्रणाली का विस्तार करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1977 में पुराने माधव भवन की स्थापना के समय संघ की लगभग आठ हजार शाखाएँ थीं, जो आज बढ़कर नब्बे हजार से अधिक हो चुकी हैं। बढ़ते दायित्वों और कार्यविस्तार को देखते हुए बड़े एवं आधुनिक कार्यालय की आवश्यकता महसूस की गई, जिसके परिणामस्वरूप माधव भवन का पुनर्निर्माण किया गया।

उन्होंने कहा कि माधव भवन से सेवा, संस्कार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अनेक सामाजिक कार्यों का संचालन होगा, जिससे समाज के प्रति संघ की भूमिका और अधिक सशक्त होगी।

आगरा के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इसी भूमि से छत्रपति शिवाजी महाराज ने औरंगज़ेब की कैद से मुक्त होकर अद्वितीय साहस और रणनीति का परिचय दिया, जो आज भी विश्व के लिए शोध का विषय है। साथ ही गोकुला जाट के बलिदान तथा राणा सांगा द्वारा मुगल सत्ता के विरुद्ध किए गए संघर्ष को भी स्मरण किया गया।

वक्ताओं ने चिंता जताई कि समाज अपने इतिहास और बलिदानों को धीरे-धीरे विस्मृत करता जा रहा है। वृंदावन, गोकुल और गोवर्धन की भक्ति परंपरा तथा संतों के संघर्ष को प्रभावी रूप से समाज के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। इस दौरान बलिदान स्थलों पर स्मारक एवं संग्रहालय निर्माण का सुझाव भी रखा गया, जिससे देशी-विदेशी पर्यटक ताजमहल के साथ-साथ भारत के गौरवशाली इतिहास से भी परिचित हो सकें।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल, डॉ. दिनेश, अजीत महापात्रा, जगदीश प्रसाद, राकेश जैन, दिनेश उपाध्याय, पदम सिंह, राजकुमार, प्रीतम सिंह, दिनेश शर्मा , कीर्ति कुमार ,सहित भाजपा एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी, सांसद, विधायक, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने किया तथा विजय गोयल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ समारोह का समापन हुआ।

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