
पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर जी की पुण्य स्मृति में वृंदावन में श्रीमद् भागवत कथा, राज्यमंत्री कृष्णा गौर निभा रहीं चरण सेवा
मथुरा। वृंदावन में स्वर्गीय बाबूलाल गौर जी (पूर्व मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन) की पुण्य स्मृति में श्रीधाम वृंदावन स्थित विश्वविख्यात एवं अनूठे मंदिर बालाजी देवस्थान, अटल्ला चुंगी में श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। यह सात दिवसीय पावन कथा 15 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन आयोजित होगी।श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का सुमधुर व ओजस्वी वाचन भागवत रत्न से सम्मानित आचार्य श्री नवलेश दीक्षित जी महाराज के पावन मुखारविंद से किया जा रहा है।आयोजकों के अनुसार यह पावन आयोजन धर्म, अध्यात्म एवं सांस्कृतिक चेतना के प्रसार का सशक्त माध्यम सिद्ध होगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भागवत तत्वज्ञान तथा जीवन में सदाचार, संयम और धर्म के महत्व का अमूल्य संदेश प्राप्त होगा।इस पावन आयोजन की चरण सेवा का दायित्व श्रीमती कृष्णा गौर , विधायक गोविंदपुरा विधानसभा, भोपाल एवं राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), मध्य प्रदेश शासन द्वारा निभाया जा रहा है।आयोजन समिति ने देश-प्रदेश के समस्त श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।कथा आयोजन के दौरान भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी श्याम शर्मा एवं आशीष अभिषेक शर्मा ने कथा स्थल पर पहुंचकर भागवत रत्न सम्मानित आचार्य नवलेश दीक्षित महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मध्य प्रदेश सरकार की विधायक एवं राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर का स्मृति चिह्न एवं दुपट्टा उड़ाकर आत्मीय स्वागत किया। वहीं मध्य प्रदेश की राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने कहा
श्रीधाम वृंदावन की इस पावन भूमि पर मेरे पूज्य पिता, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर जी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण कथा में सम्मिलित होकर मैं स्वयं को अत्यंत भावविभोर अनुभव कर रही हूँ। वृंदावन केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भक्ति, वैराग्य और श्रीकृष्ण प्रेम की जीवंत चेतना है।
श्रीमद् भागवत महापुराण मानव जीवन को सत्य, धर्म, करुणा और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भागवत कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि जीवन को संस्कारित करने का दिव्य माध्यम है। आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।मेरे पूज्य पिता स्वर्गीय बाबूलाल गौर जी ने अपने संपूर्ण जीवन में सादगी, ईमानदारी और जनसेवा को सर्वोच्च स्थान दिया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। उनकी पुण्य स्मृति में यह भागवत कथा निश्चित ही उनकी आत्मा को श्रद्धांजलि है।इस अवसर पर राम बाबू शर्मा ,नरेंद्र बजाज, राजेंद्र बाजपेई, राजेंद्र स्वास्थ्य, संतोष चौकसे सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालुजन उपस्थित रहे।








